AISMJWA के बैनर तले दुमका पुराना समाहरणालय परिसर में पत्रकारों का जोरदार धरना-प्रदर्शन* *झूठे मुकदमों से पत्रकारों को डरा रही पुलिस, सुरक्षा कानून लागू करे सरकार: सियाराम शरण सिंह* *उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन; सुरक्षा, पेंशन और
AISMJWA के बैनर तले दुमका पुराना समाहरणालय परिसर में पत्रकारों का जोरदार धरना-प्रदर्शन* *झूठे मुकदमों से पत्रकारों को डरा रही पुलिस, सुरक्षा कानून लागू करे सरकार: सियाराम शरण सिंह* *उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन; सुरक्षा, पेंशन और
*AISMJWA के बैनर तले दुमका पुराना समाहरणालय परिसर में पत्रकारों का जोरदार धरना-प्रदर्शन*
*झूठे मुकदमों से पत्रकारों को डरा रही पुलिस, सुरक्षा कानून लागू करे सरकार: सियाराम शरण सिंह*
*उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन; सुरक्षा, पेंशन और आवास समेत 10 सूत्री मांगें बुलंद*
ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन (AISMJWA) के बैनर तले मंगलवार को दुमका में पत्रकारों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। अपनी सुरक्षा, पेंशन और आवास जैसी 10 सूत्री मांगों के समर्थन में पत्रकारों ने पुराना समाहरणालय परिसर के समक्ष एक दिवसीय जोरदार धरना प्रदर्शन किया। धरने के पश्चात एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उपायुक्त (DC) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा और राज्य सरकार से पत्रकारों के हित में जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की।
*दमनकारी नीति से सच्ची पत्रकारिता पर संकट*
धरने को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सियाराम शरण सिंह ने सरकार और प्रशासन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज राज्य में पत्रकार पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस पदाधिकारियों द्वारा प्रतिशोध की भावना से पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि उन्हें डराया जा सके। अपराधियों को पकड़ने के बजाय पत्रकारों पर तुरंत FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है, जैसा हाल ही में हंसडीहा और धनबाद की घटनाओं में देखा गया है। प्रशासन की इस दमनकारी नीति के कारण पत्रकार अब सच्ची खबरें लिखने व दिखाने से भी डरने लगे हैं।
*अब होगी आर-पार की लड़ाई*
जिला अध्यक्ष निजामुद्दीन अंसारी और जिला महासचिव शुभंकर नंदन ने कहा कि 2019 में पेंशन के सुझाव लिए गए और 2022 में सम्मान सुरक्षा योजना की बात हुई, लेकिन आज तक पत्रकारों को उनका हक नहीं मिला। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी।
*प्रमुख 10 सूत्री मांगें:*
राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून अविलंब लागू हो।
पत्रकारों पर दर्ज FIR की जांच कम से कम DSP रैंक के अधिकारी से कराई जाए।
सभी पत्रकारों को 25 लाख रुपये का सपरिवार बीमा कवर मिले।
बिहार और हरियाणा की तर्ज पर सम्मानजनक पेंशन योजना शुरू हो।
पत्रकारों के लिए प्रत्येक जिले में आवासीय कॉलोनी हेतु भूखंड आवंटित हों।
सभी जिलों में सुविधायुक्त प्रेस क्लब का निर्माण कराया जाए।
पत्रकारों की समस्याओं के लिए राज्य स्तर पर स्वतंत्र आयोग बने।
ग्रामीण पत्रकारों के लिए अधिमानता (Accreditation) प्रक्रिया सुलभ की जाए।
*उग्र आंदोलन की चेतावनी*
पत्रकारों ने कहा कि सत्ता और विपक्ष दोनों ने पूर्व में इन मांगों का समर्थन किया है, इसलिए सरकार अब बिना देरी किए इन्हें लागू करे। एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को पूरे राज्य में जिलावार चलाया जाएगा और इसे और उग्र किया जाएगा।
धरने में मुख्य रूप से प्रदेश प्रवक्ता दशरथ महतो, प्रमंडलीय अध्यक्ष कुणाल शांतनु, जिला उपाध्यक्ष ललित कुमार पाल, मौसम गुप्ता, जिला सचिव अर्नेस्ट हेंब्रम, दीपू भंडारी, जिला प्रवक्ता विपत यादव, हबील हेंब्रम, वीरू दास, नितेश कुमार , अब्दुल अंसारी, जुलकर अंसारी, गियासुद्दीन अंसारी, मारूफ, भीम मंडल, सहित भारी संख्या में स्थानीय पत्रकार मौजूद थे।
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